cyber security : डिजीटल दुनिया में ''पास की'' कितना सुरक्षित

डिजीटल दुनिया में पास की कितना सुरक्षित

मोबाइल फोन या किसी भी वेबसाइट जैसे ईमेल,बैंकिंग या शापिंग वेबसाइट हो, हर दिन ना जाने कितने पासवर्ड की जरूरत पड़ती है। हमें डिजिटल दुनिया में जांने के लिए।
 
 

आकड़ें कहती हैं 

आकड़ें कहती हैं की आज के युवा के पास लगभग 40 अलग-अलग आनलाडन अकाउंट होते हैं, जहां से वे लेन-देन करते है या लोगों से जुड़े रहते हैं। कुछ लोगों के पास इसे भी ज्‍यादा अकाउंट होते हैं। अब हर अकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड होते हैं जिन्‍हें याद रख पाना कठिन होता हैं

क्‍या  हैें डिजीटल 'पास की'

 इस समस्‍या के समाधान के लिए मोबाइल कम्‍पनियां एप्‍पल, सैमसन, माइक्रोसाफ़ट जैसी कम्‍पनियां मिल कर एक पासवर्ड मुक्‍त व्‍यवस्‍था बना रही हैं। जिसे मल्‍टी-डिवाइस फीडो क्रेंडेशियल नाम दिया हैं, इसको 'पास की' भी कहा जाता हैं। 

'पास की' का उपयोग

कंम्‍यूटर या फोन के हर एक वेबसाइट पर लॉ‍गिन करने के लिए बार-बार पासवर्ड न डाल कर, सिर्फ फोन या कंम्‍यूटर को अनलॅाक करना होगा । 

 

सुरक्षा का दष्टि कोण 

इसे सुरक्षा के दष्टि कोण से भी देखा जा रह हैं। एक शोध के अनुसार विश्‍व सूची 2021 में शीर्ष पर 123456 को पासवर्ड के रूप में 10 करोड़ से अधिक बार, क्‍वर्टी 2 करोड़ बार और 'पासवर्ड' शब्‍द 2 कराेड़ से भी अधिक प्रयोग किया गया हैं, यह पासवर्ड भारत में सबसे अधिक प्रयोग किया गया है। ऐसे पासवर्ड को हैक करना हैकर्स के लिए बिलकुल आसान होते हैं।

 technology se jhude rehne ke liye humse jude rhe.


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