गलियों की बात करते ही सबसे पहले जबान पर हैं एक ही नाम,बनारस !
बनारस जितना पान,साड़ी और प्राचीनता से जाना जाता हैं उसे कही ज्यादा बनारस अपनी गलियों को लेकर लोकप्रिय हैं
जो लोग कभी बनारस नहीं आये हैं उन्हें ये पढ़ कर लग रहा होगा, क्या बकवास हैं ? गलियां तो गलियां होती हैं, इसमें इतना अलग क्या हैं ? तो भाई हम बता दे! गलियों का काम होता हैं l एक रास्ते को दूसरे रास्ते से जोड़ना और कुछ-कुछ गलियां एक रास्ते से शुरू होकर किसी के दरवाजे पे जाकर खत्म हो जाती हैं बस !
लेकिन बनारस में 200 से अधिक गलियां और हर गली की अपनी अलग पहचान और रुबाब हैंl यहाँ की गली अपने नाम से भी लोगों को अपनी ओर खिंच ले जाती हैं जैसे कचौड़ी गली "नाम लेते ही कचौड़ी आँखों के सामने मंडराने लगता हैं "l जो गली जिस घाट की ओर पहुचायेगी वो गली उस घाट के नाम से ही जानी जाएगीl
और हाँ भईया! थोड़ा संभाल कर , इन गलियों से गुजरना " कभी भी कही से भी" नन्दी बाबा के दर्शन हो सकता हैंl जहाँ थोड़ा भी टेड़ियायेl
उठा के फेक दिहन हमारे नन्दी बाबा
फिर ना उठ पाएंगे ना जबान चला पाएंगे
बस हर हर महादेव चिलायेगे !
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